महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन
आप नहीं पहुँच पाए,
आपकी प्रार्थना पहुँचेगी।
हम आपके नाम और आपकी मनोकामना के साथ महाकालेश्वर में अर्पण करते हैं — और पूरे अर्पण का वीडियो 48 घंटे में आपके WhatsApp पर भेजते हैं।
मंदिर से कुछ झलकियाँ
शास्त्र क्या कहते हैं
किसी और की तरफ़ से अर्पण करवाना पूरी तरह मान्य है — शास्त्रों में इसकी अनुमति है।
₹201 में क्या मिलता है
थाली में क्या-क्या जाता है
कोई छिपी हुई बात नहीं। जो नीचे लिखा है, वही अर्पित होता है और वही वीडियो में दिखता है।
यह संकल्प पत्र ही आपका प्रमाण है
हर संकल्प पत्र पर आपका नाम और आपका अपना ऑर्डर नंबर हाथ से लिखा होता है, और वीडियो की शुरुआत में साफ़ दिखाया जाता है। इसी वजह से कोई पुराना या किसी और का वीडियो आपको भेजा ही नहीं जा सकता — तारीख़, नाम और नंबर तीनों मेल खाने चाहिए।
आपके नाम का संकल्प पत्र
आपका नाम और ऑर्डर नंबर हम हाथ से लिखते हैं। यही पत्र वीडियो की शुरुआत में कैमरे के सामने आता है।
नारियल
अर्पण का मुख्य द्रव्य। आपके नाम के संकल्प के साथ चढ़ाया जाता है।
बेलपत्र
शिव को सबसे प्रिय। तीन दल वाला, ताज़ा बेलपत्र नारियल के साथ अर्पित होता है।
अगरबत्ती
अर्पण के समय जलाई जाती है — वीडियो में आप उसे जलते हुए देखेंगे।
आपके नाम से संकल्प
संकल्प में आपका नाम और आपकी मनोकामना ली जाती है। यही अर्पण को आपका बनाता है।
48 घंटे में वीडियो
पूरे अर्पण का वीडियो आपके WhatsApp पर। न मिले तो पूरा पैसा वापस।
अपना अर्पण बुक करें
एक नज़र में
देखिए हम क्या करते हैं
दो मिनट में पूरी प्रक्रिया — संकल्प पत्र लिखने से लेकर वीडियो भेजने तक।
प्रक्रिया
चार क़दम, कोई उलझन नहीं
बुकिंग से लेकर प्रमाण तक — हर क़दम पर आपको पता रहेगा कि क्या हो रहा है।
- 1
अपना विवरण भरें
नाम, मोबाइल नंबर, अपनी मनोकामना और अर्पण की तारीख़। बस एक स्क्रीन, कोई लंबा फ़ॉर्म नहीं।
- 2
आपके नाम का संकल्प पत्र लिखा जाता है
हम पेन से आपका नाम और आपका ऑर्डर नंबर एक संकल्प पत्र पर लिखते हैं, और वह पत्र थाली में नारियल-बेलपत्र के साथ रखा जाता है।
- 3
संकल्प, अर्पण और रिकॉर्डिंग
चुनी हुई तारीख़ पर महाकालेश्वर मंदिर परिसर में आपके नाम से संकल्प लिया जाता है और अर्पण होता है। यह सब उसी समय रिकॉर्ड होता है — गर्भगृह के अंदर कैमरा किसी को भी ले जाने की अनुमति नहीं है।
- 4
WhatsApp पर प्रमाण
48 घंटे के भीतर आपका वीडियो सीधे आपके WhatsApp नंबर पर पहुँच जाता है।
पारदर्शिता
वीडियो कहाँ का होता है — साफ़-साफ़
महाकालेश्वर के गर्भगृह में मोबाइल और वीडियो पूरी तरह मना है। हम यह नियम तोड़ते नहीं हैं और तोड़ने का दावा भी नहीं करते। इसलिए आपका वीडियो मंदिर परिसर में, जहाँ रिकॉर्डिंग की अनुमति है, वहीं बनाया जाता है।
जो वीडियो में नहीं होगा: गर्भगृह के अंदर का दृश्य। वहाँ किसी को भी कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं है। अगर कोई सेवा आपको गर्भगृह के अंदर का वीडियो देने का दावा करे, तो सावधान हो जाइए।
वीडियो में आप यह देखेंगे
- आपके नाम और ऑर्डर नंबर का संकल्प पत्र, कैमरे के सामने
- थाली में नारियल, बेलपत्र और अगरबत्ती
- आपके नाम से लिया गया संकल्प
- महाकालेश्वर मंदिर परिसर, उसी दिन
भरोसा
पैसे देने से पहले यह जान लीजिए
देर हो तो बता देते हैं
मंदिर में अनुमति न मिलने पर अर्पण अगले संभव दिन होता है, और हम आपको WhatsApp पर पहले ही बता देते हैं। आपको अंधेरे में नहीं रखा जाता।
सुरक्षित भुगतान
भुगतान Razorpay के ज़रिए होता है। आपके कार्ड या UPI की जानकारी हम कभी सेव नहीं करते।
हर अर्पण का अपना वीडियो
आपका वीडियो सिर्फ़ आपके अर्पण का होता है। स्टॉक फ़ुटेज या दोबारा भेजा गया वीडियो कभी नहीं।
स्वतंत्र सेवा
हम महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट का हिस्सा नहीं हैं और यह दावा कभी नहीं करते। हम सिर्फ़ आपकी तरफ़ से अर्पण पहुँचाते हैं।
सवाल-जवाब
जो सबसे ज़्यादा पूछा जाता है
क्या किसी और की तरफ़ से अर्पण करवाना मान्य है?
जी हाँ। शास्त्रों में प्रतिनिधि के माध्यम से अर्पण और संकल्प की स्पष्ट अनुमति है। संकल्प में आपका नाम लिया जाता है, इसलिए अर्पण आपके ही नाम से होता है।
₹201 में मुझे क्या-क्या मिलता है?
आपके नाम और ऑर्डर नंबर का हाथ से लिखा संकल्प पत्र, नारियल, बेलपत्र और अगरबत्ती का अर्पण, आपके नाम से संकल्प, और 48 घंटे के भीतर पूरे अर्पण का वीडियो आपके WhatsApp पर। अगर आप चाहते हैं कि आशीर्वाद आपके घर तक डाक से भी पहुँचे, तो उसके लिए ऊपर वाली सेवा चुनिए।
वीडियो कहाँ बनता है? गर्भगृह के अंदर का होता है क्या?
नहीं। महाकालेश्वर के गर्भगृह में मोबाइल और वीडियो पूरी तरह मना है, और हम यह नियम नहीं तोड़ते। आपका वीडियो मंदिर परिसर में उसी जगह बनता है जहाँ रिकॉर्डिंग की अनुमति है। उसमें आपके नाम का संकल्प पत्र, थाली और आपके नाम से लिया गया संकल्प साफ़ दिखता है। अगर कोई सेवा गर्भगृह के अंदर का वीडियो देने का दावा करे, तो सावधान हो जाइए।
मुझे प्रमाण कैसे मिलेगा?
अर्पण का पूरा वीडियो रिकॉर्ड किया जाता है और 48 घंटे के भीतर आपके WhatsApp नंबर पर भेजा जाता है। वही नंबर जो आपने बुकिंग में दिया था। हर वीडियो की शुरुआत आपके नाम और ऑर्डर नंबर वाले संकल्प पत्र से होती है।
डाक कितने दिन में पहुँचती है?
स्पीड पोस्ट आमतौर पर 5–7 दिन लेती है, और ट्रैकिंग नंबर हम WhatsApp पर भेज देते हैं। ध्यान रहे — वीडियो का इससे कोई लेना-देना नहीं है, वह 48 घंटे में ही आ जाता है।
अगर वीडियो आने में देर हो जाए तो?
कभी-कभी भीड़, विशेष आयोजन या मंदिर प्रशासन के नियमों के कारण उस दिन अनुमति नहीं मिल पाती। ऐसे में आपका अर्पण अगले संभव दिन कर दिया जाता है और हम आपको WhatsApp पर पहले ही बता देते हैं। अगर किसी कारण से हम आपका अर्पण कर ही न सकें, तो आपका पूरा पैसा वापस कर दिया जाता है — रिफ़ंड उसी माध्यम से आता है जिससे आपने भुगतान किया था और उसमें 5–7 कार्यदिवस लग सकते हैं।
